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अनार आयुर्वेदिक औषधि आदिकाल से आधुनिक काल तक वैज्ञानिक अनुसन्धान

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1. अनार एवं आयुर्वेद: अनार के सेवन से वैवाहिक जीवन के अलौकिक सुख, संतुष्टि, परम आनंद के साथ कुशाग्रबुद्धि, सुन्दर, निरोग संतानोत्पत्ति के साथ साथ आकर्षक चेहरा, आकर्षक त्वचा, सुन्दर एवं निरोग शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। Anar Ayurvedik Aushadhi hai. Pomegranate अनार, अनार का बीज, अनार का छिलका एवं अनार की पत्तियों का प्रयोग 1000ओं आयुर्वेदिक औषधियों में आदिकाल से आधुनिक काल में वैज्ञानिक अनुसन्धान किया जाता रहा है। अनार का घरेलू पूजा पाठ, फलदान एवं धार्मिक अनुष्ठानों में विशेष वैदिक महत्त्व होता है।

2. अनार का फलदान: धार्मिक एवं वैदिक अनुष्ठानों में शादी विवाह में कन्यादान के साथ साथ अनार का फलदान उत्तम माना जाता है।

3. अनार का रस : अनार जूस वैवाहिक जीवन को अलौकिक सुख, संतुष्टि, चरम आनंद के साथ सेक्स से संतुष्टि प्रदान करता है

4. आकर्षक चेहरा: अनार का सेवन करना केवल सेहत को ही नहीं बल्कि चेहरे में निखार और सुंदर बनाने में अहम भूमिका निभाता है

5. त्वचा : अनार त्वचा को कोमल सुन्दर आकर्षक के साथ निरोग बनाता है।

6. गुलाबी होठ: अनार के फल एवं अनार का रस, होठ एवं कपोल की सुंदरता में निखार लाता है।

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7. मुंहासों की दावा: हार्मोन में असंतुलन होने के कारण बहुत से लोग चेहरो में मुंहासों, पिम्पल्स, दाग, धब्बो से परेसान एवं तनाव ग्रस्त रहते हैं, ऐसे में अनार का फल, अनार के जूस का लगातार सेवन करने से कील, मुहासों एवं धब्बो से हमेसा हमेसा के लिए ठीक किया जा सकता है।

8. जवानी का रहस्य: चेहरे पर झुर्रियों शुष्क त्वचा एवं तनाव के कारण अधिक लोग कम उम्र में ही बूढ़े दिखाई देते हैं। अनार के फल और रस के निरंतर इस्तेमाल से झुर्रियां समाप्त हो जाती हैं त्वचा में निखार आने से आप जवान दिखते हैं।

9. चेहरे की त्वचा: अनार के पोषक तत्व चेहरे की त्वचा के अंदर जाकर काम करता है इस कारण चेहरे की त्वचा में नमी बनाए रखता है और त्वचा को सूखी, रूखी कठोर होने से बचाता है जिसके कारण ड्राई स्किन भी कोमल होने लगती है।

10. आयली स्किन: अनार फल में वर्तमान तेल के तत्व आयली स्किन की समस्या को दूर करते है। अनार तेल के पौष्टिक तत्व चहरे पर पड़ने वाले तनाव को भी कम करते हैं जिससे त्वचा पर मौजूद दाग धब्बे से भी छुटकारा पाया जा सकता है।

11. पिंपल: चेहरे पर निकले पिम्पल्स अनार के रस को चेहरे पर लगाने से समाप्त हो जाते हैं।

12. अनार रक्त की मात्रा को पूरी करता है : आनार स्वास्थ के लिए अनेक प्रकार से फायदेमंद होता है। निरंतर अनार एवं अनार के रस के स्तेमाल से शरीर में रक्त की मात्रा बढ़ती है।

13. शरीर में चोट, धाव: शरीर में चोट, धाव व् छिल जाने पर अनार के बीज उस जगह पर पर लगाने से घाव जल्दी भर जाते हैं एवं निशान भी समाप्त हो जाते हैं।
14. कोशिकाओं का निर्माण एवं श्रजन: अनार एवं अनार के रस के इस्तेमाल से निरंतर नई कोशिकाओं का निमार्ण होता रहता है। चेहरे एवं त्वचा की सुंदरता सदैव कोशकाओं पर ही आश्रित होती है, यदि कोशिकाओं का निर्माण निरंतर जारी रहता तो आप सदैव सुन्दर एवं जवान दिखेगें।

15. खिली खिली त्वचा-खिला खिला चेहरा: अनार के फल, फूल, बीज, पत्तियां मानव जीवन के लिए कुदरत का एव उपहार है जो शरीर में प्राकृतिक रूप से कार्य करता है। सूखे अनार के छिलकों को पीसकर चूर्ण बनाकर उसमे शहद मिलाकर लेप करने से चेहरे की सुंदरता में चार चाँद लग जाता है। अनार के तत्व चेहरे पर नई त्वचा का निमार्ण करते है परिणामस्यरूप चेहरे की ऊपरी पुरानी त्वचा हट जाती है और नई त्वचा पुनः से आने लगती है जिससे चेहरा खिला खिला नजर आता है।

16. चेहरे पर धूप के प्रभाव से छुटकारा: अनार के छिलकों से निर्मित फेस पैक चेहरे पर लगाने से सूर्य की रोशनी एवं धूप से उत्पन्न त्वचा संबंधी समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

17. पेट की समस्या: गर्मियों के दिनों में अनार का जूस पीने से पेट व् उदर संबंधी समस्या से निदान पाया जा सकता है। अनार के जूस में बहुत ताकत होती है यह शरीर की धमनियों को ठीक करता है।

18. हार्ट अटैक: निरंतर अनार के रस पीने से दिल का दौर या हार्ट अटैक नहीं होता है।

19. गर्भवती स्त्रियां: गर्भवती महिलाओं के लिए अनार एवं अनार का जूस अत्यंत लाभकारी होता है।

20. सुन्दर स्वस्थ शिशु: गर्भावस्था में अनार एवं अनार के रस के इस्तेमाल से सुन्दर स्वस्थ संतान पैदा होती है।

21. अनार और कैंसर: अनार के फल रस के इस्तेमाल से ब्रेस्ट और फेफड़ों में कैंसर की संभावना कम हो जाती है।

22. एलजाइमर का इलाज: अनार के जूस पीने से अधिक आयु की वजह से उत्पन्न एलजाइमर की बीमारी की समस्या से मुक्ति मिल सकती है

23. दीर्धायु जीवन: स्वस्थ निरोग एवं लंबी उम्र के लिए हर ब्यक्ति को अनार के फल अनार के जूस का इस्तमाल करना जरूरी है।

24. एक अनार सौ बीमार: इस तरह ‘1 अनार 100 बीमार’ की कहावत शत प्रतिशत खरी उतरती है।

25. परहेज: अनार एवं अनार के रस का सेवन एलर्जी, खांसी, कब्ज एवं इन्फ्लूएंजा के मरीजो को वर्जित माना जाता है।

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